देश में हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 92.18 प्रतिशत और तमिलनाडु में 85 प्रतिशत मतदान हुआ, जो लोकतंत्र के प्रति जनता की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दोनों राज्यों के मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर मतदान लोकतंत्र के उत्सव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जिसके लिए वे सभी मतदाताओं का धन्यवाद करते हैं।
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 94.85 प्रतिशत, कूच बिहार में 94.54 प्रतिशत, बीरभूम में 93.70 प्रतिशत, जलपाईगुड़ी में 93.23 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद में 92.93 प्रतिशत मतदान हुआ। यह राज्य भर में मतदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी को दर्शाता है।
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तमिलनाडु में भी कई जिलों में मजबूत मतदान देखने को मिला। करूर में 92.48 प्रतिशत, सलेम में 90.42 प्रतिशत, धर्मपुरी में 90.02 प्रतिशत, इरोड में 89.97 प्रतिशत और नामक्कल में 89.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को बधाई देते हुए इसे बदलाव के लिए जनादेश बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की भी सराहना की कि राज्य में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि भारी मतदान उनकी पार्टी टीएमसी की जीत का संकेत है और वे राज्य के साथ-साथ केंद्र में भी बदलाव की बात कर रही हैं।
इस बीच, आयोग ने पिंगला में मतदान कर्मियों द्वारा बूथ छोड़ने के मामले में कार्रवाई करते हुए सभी कर्मचारियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं।
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