प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 58वें अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड (आईसीएचओ) में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीय छात्र दल को बधाई दी है। उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के सभी चार प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति लगातार वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने छात्रों की इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच का परिणाम है।
आईसीएचओ दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली छात्र रसायन विज्ञान के क्षेत्र में अपनी योग्यता का प्रदर्शन करते हैं। इस वर्ष भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी चार छात्रों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।
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प्रधानमंत्री ने छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे परिणाम भारत के वैज्ञानिक भविष्य को मजबूत करते हैं और देश के युवाओं की क्षमता को दर्शाते हैं।
भारतीय छात्र दल की इस उपलब्धि को शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में देश की बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय छात्रों का लगातार बेहतर प्रदर्शन देश में विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान के प्रति बढ़ती रुचि को दिखाता है।
केंद्र सरकार ने भी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है। आईसीएचओ में भारत की यह सफलता देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और आने वाली पीढ़ियों के छात्रों को वैश्विक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
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