उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए यात्री और माल यातायात को अलग करने की योजना तैयार की है। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 30 से 45 मिनट रह सकता है।
यह प्रस्ताव सोमवार को लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में रखा गया। बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि करीब 15 किलोमीटर तक संपर्क मार्ग का विस्तार करने से ग्रेटर नोएडा सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
योजना के तहत ग्रेटर नोएडा में माल और यात्री परिवहन को अलग-अलग करने पर जोर दिया गया है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होगी और सामान्य यातायात पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
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जीएनआईडीए ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक छह लेन की एलिवेटेड सड़क बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। यह सड़क वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर बनाई जाएगी और विशेष रूप से माल ढुलाई के लिए उपयोग की जाएगी।
प्रस्तावित मार्ग लॉजिस्टिक्स हब को हवाई अड्डे के एयर कार्गो टर्मिनल से सीधे जोड़ेगा। इससे लॉजिस्टिक्स हब में आने वाले माल को बिना अनावश्यक यातायात बाधाओं के सीधे हवाई माल ढुलाई केंद्र तक पहुंचाया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब ग्रेटर नोएडा की प्रमुख आगामी परियोजनाओं में शामिल हैं। इन परियोजनाओं से माल परिवहन को सुगम बनाने और लॉजिस्टिक्स हब तथा हवाई अड्डे के बीच यातायात व्यवस्था सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ये सभी प्रस्ताव ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान-2041 में संशोधन की व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
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