इंडोनेशिया में शनिवार को भूकंप के लगातार झटकों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार, पूर्वी इंडोनेशिया के तट के पास सुबह 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के कुछ घंटे बाद उत्तरी सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का एक और जोरदार भूकंप आया।
पहले आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 11 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख सुहार्यांतो ने बताया कि करीब 2,000 लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया।
शक्तिशाली भूकंप के बाद इंडोनेशियाई अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि समुद्र में 0.5 मीटर से लेकर तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। फ्लोरेस द्वीप के मौमेरे शहर के लोगों को भी ऊंचे इलाकों में जाने के लिए कहा गया। क्षेत्र में 19 से 30 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहरें दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
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इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने कहा कि भूकंप से पूर्वी नुसा तेंगारा, दक्षिण सुलावेसी और पश्चिम नुसा तेंगारा प्रांतों में सुनामी आने की संभावना थी।
भूकंप के बाद इमारतों को नुकसान पहुंचने की तस्वीरें सामने आए। कुछ इलाकों में लोगों ने समुद्र का पानी पीछे हटते हुए भी देखा। हालांकि, इमारतों के पूरी तरह ढहने संबंधी कुछ दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, इसलिए यहां भूकंप अक्सर आते हैं। वर्ष 2004 में सुमात्रा के तट के पास 9.1 तीव्रता के भूकंप से आई सुनामी में क्षेत्रभर में करीब 2.20 लाख लोगों की मौत हुई थी।
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