ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रजा नकदी ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ मौजूदा संघर्ष को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल की समाप्ति तक लंबा खींच सकता है। ट्रंप 80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 2028 तक है।
नकदी ने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका के कथित दो प्रमुख उद्देश्य ईरानी नेतृत्व को सत्ता से हटाना और ईरान को विभाजित करना था, लेकिन दोनों ही असफल रहे। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष जितना लंबा चलेगा, ईरान को उतना अधिक अनुभव मिलेगा और उसकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि ईरान का लक्ष्य ऐसी स्थिति पैदा करना है, जिससे भविष्य में कोई भी देश उस पर हमला करने से पहले संभावित कीमत के बारे में सोचे। नकदी के अनुसार, युद्ध को लंबा खींचना अमेरिका की सैन्य और आर्थिक क्षमता पर दबाव डाल सकता है।
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नकदी ने अमेरिका की रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वॉशिंगटन ने बार-बार अपने युद्ध उद्देश्यों में बदलाव किया। उन्होंने खार्ग द्वीप और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी गतिविधियों का जिक्र किया और दावा किया कि ईरान ने इन प्रयासों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
होर्मुज़ से गुजरने वाले नागरिक जहाजों पर हमलों के सवाल पर नकदी ने कहा कि युद्ध की स्थिति में ईरान उन मार्गों को नियंत्रित करने का अधिकार रखता है, जिन्हें वह अपने लिए खतरा मानता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के पास बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हैं तथा वह प्रतिदिन इस्तेमाल से अधिक हथियारों का उत्पादन कर रहा है। परमाणु हमले की संभावना पर उन्होंने कहा कि दुनिया ऐसा होने नहीं देगी।
नकदी ने कहा कि ईरान को अमेरिकी जनता से दुश्मनी नहीं है और “अमेरिका मुर्दाबाद” का नारा वहां के नेतृत्व के खिलाफ है। उन्होंने परमाणु हथियारों की आवश्यकता से इनकार करते हुए कहा कि ईरान की असली ताकत उसके लोगों और उसके मूल्यों में है।
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