ईरान ने चेतावनी दी कि अगर इजराइल लेबनान पर हमले जारी रखता है तो वह अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्धविराम समझौते से बाहर हो जाएगा। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश “लेबनान में किए गए अपराध और युद्धविराम उल्लंघन के लिए इजराइल को दंडित करेगा।” अधिकारी ने कहा, “युद्धविराम पूरे क्षेत्र पर लागू है, लेकिन इजराइल अपने वादों को तोड़ने के लिए जाना जाता है और केवल गोलियों से ही रोका जा सकता है।”
यह बयान ऐसे समय आया जब इजराइली सेना ने 10 मिनट के भीतर लेबनान के कई क्षेत्रों में 100 हवाई हमलों का दावा किया। इस दौरान ब्लैक स्मोक ने कई हिस्सों को ढक लिया और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर दौड़ीं। कम से कम एक अपार्टमेंट भवन को क्षतिग्रस्त किया गया।
संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस ने लेबनान में जारी हिंसा को रोकने की अपील की। उन्होंने कहा, “आज के हमले तब हुए जब हिंसा और विनाश समाप्त होने की उम्मीद बढ़ रही थी। यह स्थिति जारी नहीं रह सकती। किसी भी पक्ष के लिए हथियारों से विजय प्राप्त करना संभव नहीं है।”
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इराक में शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने बताया कि इजराइल के हमलों से बेरूत और अन्य क्षेत्रों में व्यापक विनाश हुआ और आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
इजराइल ने कहा कि समझौता उसके और ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह के बीच युद्ध पर लागू नहीं होता। इजराइली सेना ने बताया कि उसने मिसाइल लॉन्चर, कमांड सेंटर और खुफिया ढांचे को निशाना बनाया और हिज़बुल्लाह पर नागरिकों को ढाल के रूप में उपयोग करने का आरोप लगाया।
हिज़बुल्लाह के एक अधिकारी ने बताया कि समूह ने मध्यस्थों को युद्धविराम का मौका दिया, लेकिन “इजराइली पक्ष इसे लागू नहीं कर रहा है।”
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