विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को “चयनात्मक रूप से निशाना” बनाया जा रहा है। उन्होंने यह टिप्पणी सोमवार को नई दिल्ली में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान की। जयशंकर ने कहा कि रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाना न केवल निराशाजनक है, बल्कि यह अनुचित और अन्यायपूर्ण भी है।
जयशंकर ने पोलैंड के उप प्रधानमंत्री को स्पष्ट शब्दों में बताया कि भारत को इस तरह अलग से निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में उन्होंने न्यूयॉर्क में सितंबर और पेरिस में जनवरी के दौरान यूक्रेन संघर्ष और उसके वैश्विक प्रभावों पर भारत का रुख स्पष्ट रूप से रखा था। इसके बावजूद भारत के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है।
बैठक के दौरान जयशंकर ने एक और संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए सिकोरस्की की पिछले वर्ष अक्टूबर में पाकिस्तान यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि पोलैंड को आतंकवाद के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति बनाए रखनी चाहिए और पड़ोसी क्षेत्र में आतंकवादी ढांचे को किसी भी तरह से बढ़ावा नहीं देना चाहिए। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एक समान और सख्त रवैया अपनाना जरूरी है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं कर सकता। भारत की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करना न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना के भी खिलाफ है।
जयशंकर की ये टिप्पणियां असामान्य रूप से स्पष्ट और सख्त मानी जा रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि भारत अब व्यापार और कूटनीति के मामलों में अपने हितों को लेकर खुलकर और मजबूती से बात रखने के मूड में है।
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