झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन शनिवार, 8 अगस्त को 15वें दिन भी जारी रहा। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में सुधार और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जेपीएसएस-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई बातचीत से गतिरोध खत्म नहीं हो सका। इसके बाद आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार शामिल हैं।
इसी बीच सरकार ने आंदोलन कर रहे दूसरे गुट को भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेतृत्व वाले सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की शनिवार को सरकार द्वारा गठित समिति के साथ बैठक प्रस्तावित है।
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जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उन्होंने सरकार के साथ बातचीत के लिए आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम भी सौंपे थे। आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान निकल सकता है।
सरकार की ओर से गठित समिति और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठक को मौजूदा गतिरोध को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त होगा या प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में लंबे समय से छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
अब सभी की नजर सरकार और जेएलकेएम प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बातचीत के नतीजे पर है। यदि दोनों पक्ष किसी सहमति पर पहुंचते हैं, तो 15 दिनों से जारी आंदोलन को समाप्त करने की राह खुल सकती है।
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