झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 43 लाख से अधिक लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने बुधवार, 5 अगस्त को एसआईआर के तहत गणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की प्रारूप मतदाता सूची जारी की।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल 2.64 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे। गणना चरण पूरा होने के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में अब 2.21 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई तक कुल 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,21,01,249 यानी करीब 83.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा किए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए, उन्हें एकत्र किया और सत्यापन किया।
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चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 43,61,987 मतदाताओं के नाम एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट) श्रेणी के तहत हटाए गए हैं।
सीईओ के अनुसार, हटाए गए नामों में करीब 7.63 लाख मतदाता मृत पाए गए। वहीं, 15.92 लाख लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर चले गए थे। करीब 14.50 लाख मतदाता सत्यापन के दौरान नहीं मिले या अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा 4.38 लाख नाम ऐसे थे, जो एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे।
उन्होंने बताया कि लगभग 1.16 लाख मतदाताओं ने गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और उन्हें बीएलओ के पास जमा नहीं किया।
झारखंड उन राज्यों में शामिल है, जहां एसआईआर का तीसरा चरण लागू किया गया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 14 मई को हुई थी। झारखंड में चरण पूरा होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और जमीनी सत्यापन के माध्यम से वास्तविक मतदाताओं की पहचान करना है। हालांकि, प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों से कई राज्यों में इसकी समयसीमा में बदलाव भी किए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए राज्यवार कार्यक्रमों में आवश्यक समायोजन किए जा रहे हैं।
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