केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार, 27 अगस्त को आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह बैठक 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हुई। आंदोलनकारी सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में जाति आधारित आरक्षण की जगह आय आधारित आरक्षण व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सौहार्दपूर्ण बताया। साथ ही अगली बैठक 7 सितंबर को आयोजित करने की बात कही गई है। नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक के साथ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्द फिर बैठक होगी।
हर्ष दुबे ने बैठक को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि यह समाज के सभी वर्गों के हित में संवाद आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बैठक में 21 अगस्त के प्रदर्शन को लेकर संक्षिप्त चर्चा हुई और भविष्य में भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी।
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दुबे ने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी वर्ग के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से समान अवसर, न्यायपूर्ण व्यवस्था और आवश्यक आरक्षण सुधार की मांग रखना है।
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के साथ संवाद का अवसर मिला है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, दो दिनों तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें आरक्षण व्यवस्था में सुधार भी शामिल था।
आंदोलनकारियों ने कहा कि वे आरक्षण समाप्त करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें वास्तव में जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष पर केंद्रित नहीं है और प्रदर्शन में उठाई गई मांगें समाज के विभिन्न वर्गों की चिंताओं से जुड़ी हैं। प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि 7 सितंबर की अगली बैठक में बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।
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