न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहनाथन नरेंद्र शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को 62 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, न्यायमूर्ति नरेंद्र के पदमुक्त होने के बाद औपचारिक रूप से उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील और पर्वतीय राज्य में न्यायिक व्यवस्था की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
न्यायमूर्ति गुप्ता का नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा पिछले महीने इस पद के लिए अनुशंसित किया गया था। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। न्यायमूर्ति गुप्ता को 12 अप्रैल 2013 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और वे 8 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
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अपने न्यायिक करियर के दौरान न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है और उन्हें एक अनुभवी तथा संतुलित न्यायाधीश के रूप में जाना जाता है। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड उच्च न्यायालय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायमूर्ति गुप्ता की नियुक्ति से न केवल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को प्रशासनिक मजबूती मिलेगी, बल्कि न्यायिक पारदर्शिता और समयबद्ध न्याय की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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