तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को चल रहे लोकसभा के मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई दो महिला सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की गई शिकायत के बाद की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कल्याण बनर्जी ने उनके खिलाफ अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
शिकायत करने वाली सांसद शताब्दी राय और मिताली बाग हैं। दोनों वर्तमान में नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की सांसद हैं और पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी रही हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि सदन के भीतर उनके प्रति अनुचित और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
शिकायत पर विचार करने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया। निलंबन के साथ ही उन्हें सदन की कार्यवाही में भाग लेने और लोकसभा परिसर में प्रवेश करने से भी रोक दिया गया है।
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निलंबन के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद कल्याण बनर्जी को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने पहुंचे। इस दौरान मामले को लेकर उनकी ओर से अपना पक्ष भी रखा गया। हालांकि, निलंबन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहा।
यह पहला अवसर नहीं है जब कल्याण बनर्जी पर इस तरह के आरोप लगे हों। इससे पहले मई 2026 में तत्कालीन टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद परिसर के भीतर उन्हें कई बार मौखिक रूप से अपमानित और अभद्र भाषा का सामना करना पड़ा।
इस ताजा घटनाक्रम ने संसद में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं, संसद में जनप्रतिनिधियों के आचरण और सदन की गरिमा बनाए रखने को लेकर भी एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
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