कानपुर के बिठूर क्षेत्र में एक नवजात बच्ची की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित नर्सिंग होम का पंजीकरण रद्द कर दिया है और डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार (8 फरवरी 2026) को हुई, जब नर्सिंग होम के एनआईसीयू में वार्मर मशीन में कथित तौर पर आग लग गई थी।
पश्चिम के पुलिस उपायुक्त एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि सोमवार को बिठूर थाने में राजा नर्सिंग होम के एक अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर हुई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नर्सिंग होम बिना स्वास्थ्य विभाग की अनिवार्य अनुमति के एनआईसीयू चला रहा था।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एनआईसीयू चलाने के लिए पहले अनुमति, विशेष उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता होती है, लेकिन नर्सिंग होम ने न तो अनुमति ली और न ही विभाग को जानकारी दी। इस लापरवाही ने एक नवजात की जान ले ली।
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जांच के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नर्सिंग होम का पंजीकरण रद्द कर सभी चिकित्सा सेवाएं तत्काल बंद करने के आदेश दिए और एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया गया। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमित रस्तोगी ने बताया कि खराब रखरखाव या स्टाफ की लापरवाही के कारण वार्मर मशीन में खराबी आ सकती है।
परिजनों के अनुसार बच्ची का जन्म रविवार शाम करीब 4 बजे सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ था और उसे सामान्य जांच के लिए एनआईसीयू में रखा गया था। कुछ घंटों बाद वार्मर में आग लगने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और उसकी मौत हो गई।
परिवार ने आरोप लगाया कि नर्सिंग होम ने घटना की जानकारी देर से दी और मामले को दबाने के लिए ₹2 लाख का समझौता प्रस्ताव दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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