उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बाबरी मस्जिद मुद्दे पर अपना कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि बाबरी ढांचा “कयामत तक” दोबारा नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री श्री राम जानकी मंदिर में आयोजित 10वें श्री हनुमान विराट महायज्ञ और श्री रामार्चा पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जो कहती है वही करती है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा, “हमने कहा था ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’, और हमने वही किया।”
बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण की संभावना को खारिज करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग इसके पुनर्निर्माण की उम्मीद कर रहे हैं, वे भ्रम में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल संकट के समय भगवान राम को याद करते हैं और बाकी समय भूल जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने नागरिकों से कानून का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि देश के कानून के अनुसार जीवन जीना ही सबके हित में है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों को सजा का सामना करना पड़ेगा और जो लोग कानून का उल्लंघन कर स्वर्ग की कल्पना करते हैं, वे भ्रम में हैं।
उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या दौरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर फहराया गया भगवा ध्वज भारत की गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक बना रहेगा।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के समय का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश दंगों और कर्फ्यू से प्रभावित रहता था और लोगों में असुरक्षा का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और सुरक्षा का वातावरण स्थापित हुआ है।
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