असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। मुख्यमंत्री ने इन नेताओं पर अपनी जमीन संबंधी संपत्तियों को लेकर “झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप” लगाने का आरोप लगाया है।
यह कदम 4 फरवरी को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उठाया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई ने दावा किया था कि कांग्रेस की “जांच” में पता चला है कि राज्यभर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर मुख्यमंत्री और उनके परिवार का कब्जा है। इन आरोपों के कुछ ही घंटों बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने बिना सबूत के आरोप लगाने पर मानहानि का केस दायर करने की घोषणा कर दी थी, जिसे मंगलवार को औपचारिक रूप से दाखिल किया गया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ 500 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया है। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
और पढ़ें: गौरव गोगोई को अभी गिरफ्तार किया तो चुनावी राजनीति का आरोप लगेगा: हिमंता बिस्वा सरमा
इस बीच, गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर मुसलमानों के खिलाफ “नरसंहार भड़काने” और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का भी आरोप लगाया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है और वह बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अपने रुख पर कायम हैं।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक कथित वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सरमा पर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। ओवैसी ने इसे “नरसंहार भड़काने वाला घृणास्पद भाषण” बताया।
और पढ़ें: मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है: गौरव गोगोई