केरल हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार और जबरन गर्भपात के एक मामले में निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल मामकूटाथिल को दी गई गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा को दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। यह आदेश बुधवार (7 जनवरी, 2025) को न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने पारित किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को तय की है और तब तक पलक्कड़ से विधायक रहे राहुल मामकूटाथिल को दी गई अंतरिम राहत को जारी रखने का निर्देश दिया है।
राहुल मामकूटाथिल ने तिरुवनंतपुरम की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे पहले, केरल हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर, 2025 को उन्हें दी गई अंतरिम सुरक्षा को 7 जनवरी तक के लिए बढ़ाया था, जिसे अब आगे भी जारी रखा गया है।
अपनी याचिका में विधायक ने दावा किया है कि वह निर्दोष हैं और इस मामले में उनकी हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि शिकायतकर्ता के साथ उनका संबंध आपसी सहमति से था और जब यह संबंध बिगड़ गया, तब उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। उनके अनुसार, मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
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वहीं, शिकायतकर्ता ने भी हाईकोर्ट का रुख करते हुए राहुल मामकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया है और इस मामले में खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की है।
गौरतलब है कि पुलिस द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन गर्भपात का पहला मामला दर्ज किए जाने के बाद राहुल मामकूटाथिल कुछ समय के लिए भूमिगत हो गए थे। हालांकि, 6 दिसंबर, 2025 को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद वह सामने आए। इसके बाद उन्होंने 11 दिसंबर, 2025 को पलक्कड़ में स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान भी किया था।
इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने 4 दिसंबर, 2025 को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। फिलहाल, मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में जारी है और आगे के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
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