तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के 1,000 दिन पूरे होने के मौके पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बीआरएस के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने तेलंगाना विधानसभा के बाहर काले टी-शर्ट पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के प्रमुख नेता के.टी. रामाराव (केटीआर) और हरीश राव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
बीआरएस नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले टी-शर्ट पहन रखे थे, जिन पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लिखे हुए थे।
टी-शर्ट पर मुख्य रूप से “कांग्रेस अपने वादे पूरे करने में विफल रही” और “1,000 दिन का विफल शासन” जैसे संदेश लिखे गए थे। बीआरएस ने इन नारों के जरिए सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए जनता से किए गए वादों का हिसाब मांगने की कोशिश की।
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विधानसभा के बाहर बढ़ा राजनीतिक तनाव
प्रदर्शन के दौरान विधानसभा परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की और बाद में केटीआर तथा हरीश राव समेत कुछ प्रमुख बीआरएस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
बीआरएस नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस सरकार अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। पार्टी ने 1,000 दिनों के शासन को लेकर सरकार की नीतियों और कामकाज पर व्यापक सवाल उठाए।
वहीं, इस प्रदर्शन से तेलंगाना में कांग्रेस और बीआरएस के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। विधानसभा के बाहर हुआ यह विरोध प्रदर्शन राज्य में दोनों दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
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