लद्दाख में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है। इसे उन्होंने क्षेत्र के लिए “ऐतिहासिक दिन” बताया है। इस फैसले के बाद लद्दाख में जिलों की संख्या बढ़कर 2 से 7 हो जाएगी।
नए बनाए गए पांच जिलों के नाम नुब्रा, शाम, चांगथांग, ज़ांस्कर और द्रास हैं। पहले लद्दाख में केवल दो जिले—लेह और कारगिल—मौजूद थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह कदम लंबे समय से लंबित जनता की मांग को पूरा करता है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और समृद्ध लद्दाख के विजन के अनुरूप है।
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इससे पहले अगस्त 2024 में गृह मंत्रालय ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस योजना को अंतिम रूप दिया गया था।
उपराज्यपाल ने कहा कि नए जिलों के गठन से जमीनी स्तर पर प्रशासन मजबूत होगा और लोगों को सरकारी सेवाएं तेजी से मिल सकेंगी, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में।
उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से रोजगार, उद्यमिता और विकास के नए अवसर पैदा होंगे और शासन व्यवस्था लोगों के और करीब आएगी।
लद्दाख, जो क्षेत्रफल के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है लेकिन जनसंख्या में दूसरा सबसे छोटा है, चीन और पाकिस्तान की सीमा से जुड़ा हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 2.74 लाख है।
5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था और इसे सीधे गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में रखा गया।
इस नए फैसले को क्षेत्रीय विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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