मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (टीएएसएमएसी) की शराब दुकानों से जुड़े ग्राहकों के हित में अहम आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि शराब बेचने वाले कर्मचारी निर्धारित कीमत से अधिक पैसे मांगते या वसूलते हैं, तो ग्राहक संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
न्यायमूर्ति जी.के. इलंथिरैयन ने यह आदेश एक रिट याचिका (आपराधिक) का निपटारा करते हुए दिया। यह याचिका अधिवक्ता क्लर्क जी. देवराजन ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच चेन्नई और उसके आसपास स्थित करीब 30 टीएएसएमएसी शराब दुकानों में ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूले गए।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि टीएएसएमएसी निगम ने 6 अगस्त 2026 को एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर के तहत राज्य की सभी खुदरा शराब दुकानों को निर्देश दिया गया है कि वे बेची जाने वाली प्रत्येक शराब की बोतल के लिए ग्राहकों को बिल जारी करें।
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हाईकोर्ट ने कहा कि बिल जारी करने की व्यवस्था से ग्राहकों को अधिक पैसे वसूले जाने की स्थिति में शिकायत करने में आसानी होगी। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित मूल्य से ज्यादा राशि लेता है, तो ग्राहक पुलिस के पास जाकर इसकी शिकायत कर सकते हैं।
याचिकाकर्ता ने अदालत में आरोप लगाया था कि कई टीएएसएमएसी दुकानों पर शराब की बोतलों की वास्तविक कीमत से अधिक रकम ली जा रही थी। इससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था और बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी।
टीएएसएमएसी तमिलनाडु सरकार के नियंत्रण वाला निगम है, जो राज्य में शराब की खुदरा बिक्री का संचालन करता है। राज्य में इसकी हजारों दुकानें संचालित हैं और बड़ी संख्या में लोग इनसे शराब खरीदते हैं।
अदालत के इस आदेश के बाद ग्राहकों को अधिक कीमत वसूली के खिलाफ कानूनी रास्ता मिलेगा। वहीं, हर बोतल पर बिल देने की व्यवस्था से शराब बिक्री में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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