त्रिपुरा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत 5 सितंबर 2026 से होगी। निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जाएगा और इसके बाद 23 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी जुटाना होगा। यह प्रक्रिया 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान बीएलओ प्रत्येक घर का दौरा करेंगे और मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराएंगे।
मतदाताओं को इन फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद भरे हुए फॉर्म को बीएलओ द्वारा एकत्र किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करना और वास्तविक मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार करना है।
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निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, एसआईआर अभियान के दौरान मतदाताओं की पहचान, पते और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। घर-घर जाकर जानकारी जुटाने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मतदाता सूची में योग्य नागरिकों के नाम शामिल हों और अपात्र नाम हटाए जा सकें।
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरी की जाएगी। एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद मतदाताओं को अपने विवरण की जांच करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा।
त्रिपुरा में यह अभियान आगामी चुनावी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतदाता सूची किसी भी चुनाव की आधारभूत व्यवस्था होती है, इसलिए निर्वाचन आयोग समय-समय पर इसके पुनरीक्षण का कार्य करता है।
अंतिम मतदाता सूची 23 दिसंबर को जारी होने के बाद राज्य में चुनाव से संबंधित गतिविधियों के लिए आधिकारिक मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बीएलओ के साथ सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सके।
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