पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। इस सीट पर उन्हें भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के हाथों 15,105 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
टीएमसी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी स्वयं हाईकोर्ट पहुंचीं और चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका को औपचारिक रूप से सत्यापित किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती 4 मई को हुई थी, जिसके बाद भाजपा ने राज्य में बड़ी जीत दर्ज की और सुवेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने।
इस बीच टीएमसी के भीतर जारी बगावत ने पार्टी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पार्टी को मजबूत करने के लिए ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। उन्होंने सायोनी घोष को युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह युवा नेता अर्नब बनर्जी को नियुक्त किया है। वहीं, माला रॉय को महिला विंग के अध्यक्ष पद से हटाकर अलीफा अहमद को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बताया जा रहा है कि सायोनी घोष और माला रॉय उन सांसदों के समूह के करीब थीं, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जताया है। इसी दौरान वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के भी बागी खेमे में शामिल होने की खबरों ने टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बागी सांसदों का दावा है कि लोकसभा में पार्टी के 28 में से 20 सांसद उनके साथ हैं। सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने कहा है कि यदि उनके गुट को मान्यता मिलती है तो वह संसद में भाजपा नीत एनडीए का समर्थन करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार, आंतरिक बगावत और कानूनी चुनौतियों के बीच टीएमसी एक बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है।
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