पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी सांसदों अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर कथित हमले को लेकर गहरी नाराजगी और आक्रोश जताया। उन्होंने इस घटना को “बेतुका और तानाशाही व्यवहार” बताया और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह हमला केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य टीएमसी नेताओं को डराना और दबाव में लाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश में राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाती हैं।
टीएमसी प्रमुख ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों को पार्टी नेताओं का इलाज न करने के निर्देश दिए गए, जिसे उन्होंने अमानवीय और अस्वीकार्य बताया। ममता बनर्जी ने कहा कि यदि यह सच है तो यह स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकार का उल्लंघन है और लोकतंत्र में इसकी कोई जगह नहीं है।
और पढ़ें: दिल्ली: स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भवन में लगी आग पर काबू, जांच शुरू
उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना और उनके खिलाफ इस तरह की कथित कार्रवाई करना लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरनाक संकेत है।
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की “तानाशाही मानसिकता” के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी और किसी भी प्रकार के राजनीतिक उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी।
टीएमसी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। पार्टी का कहना है कि यह घटना राज्य में राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है।
घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है।
और पढ़ें: सिस्टम या सरकार कहीं भी चूक हो, नुकसान छात्रों का: संसदीय समिति ने NEET में पारदर्शिता पर दिया जोर