उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में एक कार्यक्रम के दौरान गो-रक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “गोमाता स्वयं घोषित राष्ट्रमाता हैं, इसके लिए किसी अलग घोषणा की आवश्यकता नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने आगे बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर गोवंश से जुड़े किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ चित्र पोस्ट करने को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष स्थान है और इसे सम्मान देना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाए और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों और कानून व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की और कहा कि राज्य में शांति और विकास की गति को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है और विभिन्न वर्गों से इस पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
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