जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़ के बाद राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता और आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है।
मनोज सिन्हा ने बताया कि उन्होंने राजौरी और पुंछ के वरिष्ठ अधिकारियों तथा दोनों जिलों के उपायुक्तों को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभाग आपसी समन्वय के साथ बचाव, राहत और पुनर्स्थापन कार्यों में जुटे हुए हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाना और सामान्य जनजीवन को बहाल करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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राजौरी और पुंछ के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दलों को तैनात किया गया है और जरूरी सेवाओं को बहाल करने का काम जारी है।
मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लें और नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। इसके आधार पर आगे की राहत और पुनर्वास योजनाएं तैयार की जाएंगी।
उपराज्यपाल ने सभी विभागों से मिलकर काम करने और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने पर जोर दिया।
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