जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को राज्य को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि अब नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी में शामिल सिंडिकेट्स के दिन अब खत्म हो चुके हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस समस्या से सख्ती से निपट रही हैं। उन्होंने बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
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मनोज सिन्हा ने यह भी कहा कि नशा न केवल व्यक्तियों को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे समाज को कमजोर करता है। इसलिए इसे जड़ से खत्म करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में कई नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है और बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह नशा मुक्त राज्य बनाया जाए और युवाओं को एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दिया जाए।
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