तेलंगाना राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के तहत मतदाता सूची की प्रारंभिक मैपिंग प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मेडचल-मलकाजगिरी जिले में सबसे अधिक विसंगतियां दर्ज की गई हैं, जहां लगभग 38 प्रतिशत मतदाताओं के डेटा में तार्किक और रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियां पाई गईं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान की गई इस मैपिंग में कुल 11 प्रकार की अनियमितताओं की पहचान की गई है। इनमें अभिभावकों के नामों में असंगति, माता-पिता और संतान के बीच असामान्य आयु अंतर, तथा पारिवारिक संबंधों में असंगति जैसी गंभीर त्रुटियां शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कुछ मामलों में संतान और माता-पिता के बीच 9 महीने से भी कम का अंतर, तो कहीं 15 साल से कम आयु अंतर पाया गया, जो जैविक रूप से असंभव है। इसके अलावा कुछ मामलों में मतदाता और उनके दादा-दादी के बीच 40 साल से कम आयु अंतर दर्ज किया गया, जो रिकॉर्ड की गंभीर त्रुटियों को दर्शाता है।
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अन्य अनियमितताओं में शामिल हैं—वर्तमान मतदाता सूची और पिछली SIR सूची में माता-पिता के नाम अलग होना, रिश्ते के प्रकार में बदलाव (जैसे पिता/माता से पति का उल्लेख), तथा पिछले और वर्तमान रिकॉर्ड में पिता के नाम में अंतर।
इसके अलावा कई मामलों में आयु संबंधी गलतियां, आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता और केवल आधार कार्ड को ही एकमात्र दस्तावेज के रूप में उपयोग किए जाने की स्थिति भी सामने आई है।
चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इन अनियमितताओं की जांच की जा रही है और सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही अंतिम मतदाता सूची को तैयार किया जाएगा।
इस खुलासे ने राज्य में मतदाता सूची की सटीकता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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