महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब यशवाड़ी मारुति मंदिर परिसर में स्थित निर्माणाधीन सभामंडप (सबाह-मंडप) की छत अचानक ढह गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:30 बजे मंदिर के बाहरी हॉल की स्लैब अचानक गिर गई, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु मलबे के नीचे दब गए। घटना के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे, जिसके कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद तुरंत पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय बचाव दल भी मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।
और पढ़ें: महाराष्ट्र के परभणी में मंदिर का छत गिरा, 30 से 40 श्रद्धालु फंसे होने की आशंका, राहत कार्य जारी
सूत्रों के अनुसार, अभी भी लगभग 30 से 40 श्रद्धालु मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। दोनों नेताओं ने प्रशासन को हर संभव मदद और तेज बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं।
यह घटना पूरे राज्य में शोक और चिंता का विषय बनी हुई है, जबकि बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
और पढ़ें: महाराष्ट्र में 2 लाख करोड़ रुपये का रेलवे निवेश: अश्विनी वैष्णव ने पुणे-शिर्डी नई ट्रेन को दिखाई हरी झंडी