प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को लागू करने में बाधा डाल रही है, जिससे आम जनता को उनके लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई महत्वपूर्ण योजनाएं गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में हैं, लेकिन तमिलनाडु में इन योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से राज्य सरकार इन योजनाओं को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखा रही है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार जनता के हितों से ज्यादा राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य देश के हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, लेकिन कुछ राज्य सरकारें इसमें रुकावट डाल रही हैं।
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पीएम मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग जरूरी है ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से अपील की कि वे विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता दें और ऐसी सरकार चुनें जो योजनाओं को सही तरीके से लागू करे।
इस बीच, डीएमके की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावों के मद्देनजर दिया गया है, जहां केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव का मुद्दा प्रमुख बन सकता है।
प्रधानमंत्री के इस बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है, जहां केंद्र और राज्य के संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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