म्यांमार की सैन्य समर्थित सरकार ने दावा किया है कि उसने भारत और थाईलैंड की सीमाओं के पास स्थित दो महत्वपूर्ण रणनीतिक शहरों पर दोबारा कब्जा कर लिया है। इसे देश में जारी गृहयुद्ध के बीच सेना की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत सीमा के निकट स्थित टोनजांग शहर को सेना ने 10 दिनों तक चले अभियान के बाद फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया। रिपोर्ट में सेना के जवानों की तस्वीरें भी प्रकाशित की गई हैं, जिनमें वे शहर के प्रशासनिक कार्यालय और अन्य सरकारी भवनों के सामने दिखाई दे रहे हैं।
म्यांमार में पिछले कई वर्षों से सेना और विभिन्न जातीय उग्रवादी संगठनों के बीच संघर्ष जारी है। कई सीमावर्ती क्षेत्रों पर लंबे समय से जातीय मिलिशिया और प्रतिरोधी समूहों का नियंत्रण रहा है। अब सेना इन इलाकों पर दोबारा कब्जा जमाने के लिए लगातार सैन्य अभियान चला रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और थाईलैंड की सीमाओं के पास स्थित ये क्षेत्र सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन इलाकों पर नियंत्रण से सेना को सीमा सुरक्षा मजबूत करने और विद्रोही गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, स्थानीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों का कहना है कि सैन्य अभियानों के कारण आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई लोग विस्थापित हो चुके हैं और सीमावर्ती इलाकों में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
म्यांमार में 2021 में सेना द्वारा सत्ता संभालने के बाद से देश लगातार हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। सेना और विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष अब भी जारी है।
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