संसद के बजट सत्र के दौरान जारी गतिरोध के बीच विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। सूत्रों के मुताबिक विपक्षी सांसदों ने यह कदम तब उठाने पर विचार किया है जब उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
बताया जा रहा है कि यह निर्णय संसद भवन परिसर में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई INDIA गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिया गया। इस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद थे। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय नियमों के अनुसार विपक्ष का नेता “छाया प्रधानमंत्री” होता है, लेकिन उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है और संसद को केवल अपने लिए सुरक्षित रखना चाहती है।
कांग्रेस ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास जताते हुए आठ निलंबित सांसदों की बहाली की मांग भी की है। कांग्रेस नेता संजय झा ने कहा कि विपक्ष के पास अब मुद्दे उठाने का अवसर नहीं बचा है क्योंकि उनके सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। पिछले सप्ताह सदन में हंगामा हुआ था जब राहुल गांधी ने 2020 के भारत-चीन गतिरोध पर चर्चा करते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख किया। स्पीकर ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी।
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इससे पहले सदन में हंगामे के बाद आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया था। इनमें कांग्रेस के कई सांसद और सीपीएम के एस वेंकटेशन शामिल हैं।
बजट सत्र के दौरान हाल के भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। संसद के दोनों सदनों में 2026-27 के केंद्रीय बजट पर चर्चा जारी रहने वाली है।
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