पुणे नगर निगम (PMC) चुनाव 2026 में भारी जीत के बाद भाजपा पार्षद मंजुषा नागपुरे को निर्विरोध पुणे का मेयर चुना गया। वहीं आरपीआई (ए) के नेता परशुराम वाडेकर को डिप्टी मेयर बनाया गया है। मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अन्य उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद यह चुनाव बिना मुकाबले के संपन्न हुआ।
मेयर पद की दौड़ में एनसीपी की शीतल सावंत और कांग्रेस की अश्विनी लांडेगे ने नाम वापस ले लिया, जबकि डिप्टी मेयर पद के लिए एनसीपी के दत्तात्रय बहिराट और कांग्रेस के साहिल केदारी ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इससे भाजपा के लिए रास्ता साफ हो गया।
15 जनवरी को हुए पुणे नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 165 में से 119 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। अजित पवार और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी गठबंधन को कुल 30 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 15 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) को केवल एक सीट मिली। चुनाव में भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना, एनसीपी गठबंधन और कांग्रेस के बीच चार-कोणीय मुकाबला हुआ था।
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मंजुषा नागपुरे का जन्म 1979 में हुआ और वे पुणे नगर निगम की सबसे शिक्षित पार्षदों में गिनी जाती हैं। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से 1999 में स्नातक किया और 2021 में आईसीएफएआई विश्वविद्यालय से एमबीए किया। वे पहले आईटी क्षेत्र में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में राजनीति में सक्रिय हो गईं।
2012 में पहली बार पार्षद बनने के बाद वे तीन बार नगर निगम में चुनी जा चुकी हैं। अपने चुनाव अभियान में उन्होंने पुणे की ट्रैफिक समस्या, सड़क चौड़ीकरण, बस सेवा सुधार और बाढ़ नियंत्रण के लिए मुठा नदी किनारे रिटेनिंग वॉल और अलर्ट सिस्टम बनाने पर जोर दिया।
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