तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून ने तेजी पकड़ ली है, जिसके चलते राज्य की राजधानी चेन्नई में एक बार फिर भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। मौसम में यह बदलाव दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु तट के पास 21 अक्टूबर, 2026 की सुबह बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण आया है।
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, यह गीले मौसम का दौर 26 अक्टूबर, 2026 तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान चेन्नई सहित तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की आशंका जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बने इस कम दबाव के क्षेत्र को मानसूनी गतिविधियों के और तेज होने का संकेत माना जा रहा है। उत्तर-पूर्वी मानसून, जो आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच तमिलनाडु और आसपास के तटीय इलाकों में सक्रिय रहता है, इस साल भी राज्य में भारी वर्षा लेकर आया है।
और पढ़ें: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की गणना फॉर्म पर उठे सवाल, चुनावी नियमों के तहत फॉर्म-4 का उल्लंघन होने की आशंका
चेन्नई शहर, जो समुद्र तट पर बसा है और अक्सर उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से जूझता रहा है, एक बार फिर बारिश के इस नए दौर से प्रभावित हुआ है। शहर के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले इस कम दबाव क्षेत्र को देखते हुए तमिलनाडु के तटीय और आंतरिक जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज अस्थिर बना रहने की उम्मीद है। क्षेत्रीय मौसम प्रणाली के अनुसार, इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु के लिए कृषि और जल संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि राज्य के कुल वार्षिक वर्षा का एक बड़ा हिस्सा इसी मौसमी दौर में प्राप्त होता है। हालांकि, भारी और लगातार बारिश के कारण चेन्नई जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि वे आगामी दिनों में संभावित भारी बारिश को देखते हुए सतर्कता बरतें और आवश्यक एहतियाती कदम उठाएं। निवासियों को भी मौसम संबंधी अद्यतन जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में बने इस मौसमी घटनाक्रम के चलते तमिलनाडु में आने वाले दिनों में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
और पढ़ें: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बाजार लुढ़का, सेंसेक्स 525 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे फिसला