जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल कराने की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए अब “नया तरीका” अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अपना वादा पूरा करने के लिए काफी समय दिया गया, लेकिन अब आंदोलन का नया चरण शुरू किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू शहर के महाराजा हरि सिंह पार्क में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पिछले करीब दो वर्षों से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान केंद्र सरकार को लोगों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया।
उन्होंने कहा, “हमने करीब दो साल तक राज्य के दर्जे की बहाली का इंतजार किया। अब 20 जुलाई से हम इसके लिए एक नए तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले धरने में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाए जाएंगे।”
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मुख्यमंत्री ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब इससे एक दिन पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर उनकी सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनता के हितों के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के जरिए नेशनल कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए दबाव बनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल करना जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया महत्वपूर्ण वादा है।
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था। इसके बाद से ही राजनीतिक दल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करते रहे हैं। अब उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी में है।
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