बजट सत्र की शुरुआत के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में ‘VB - G RAM G’ कानून का उल्लेख होते ही संसद में जोरदार नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला। जहां सत्तारूढ़ एनडीए सांसदों ने मेज थपथपाकर इस कानून का स्वागत किया, वहीं विपक्षी सांसदों ने तीखा विरोध जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
राष्ट्रपति ने अपने पारंपरिक संबोधन में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन (ग्रामीण) अधिनियम’ का जिक्र किया, जिसे संक्षेप में ‘VB - G RAM G’ कानून कहा जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत–जी राम जी कानून बनाया गया है। इस नए सुधार के तहत गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।”
राष्ट्रपति के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। एनडीए सांसदों ने इसे ग्रामीण भारत के लिए बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने कानून को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का कमजोर विकल्प करार दिया।
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‘VB - G RAM G’ कानून को यूपीए सरकार की प्रमुख योजना मनरेगा का अद्यतन संस्करण बताया जा रहा है। यह कानून पिछले सत्र में भारी विरोध के बीच संसद से पारित हुआ था और दिसंबर में राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी और काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाता था। नया ‘VB - G RAM G’ कानून रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करता है, जबकि अन्य प्रावधान यथावत रखे गए हैं।
हालांकि आलोचना का मुख्य कारण यह है कि नए कानून के तहत रोजगार पूर्व-स्वीकृत योजनाओं के आधार पर दिया जाएगा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महात्मा गांधी के नाम को हटाकर ‘VB - G RAM G’ रखने पर भी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि सरकार का उद्देश्य राष्ट्रपिता के नाम को इतिहास से मिटाना है।
बजट सत्र आज से शुरू हुआ है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
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