पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और शांति बहाली के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। यह जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) ने दी।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में 3 जून को कुवैत हवाई अड्डे पर हुए एक ईरानी ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। इस हमले में हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुंचा था और कई लोग घायल हुए थे। यह घटना उस समय हुई जब ईरान और अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों को लेकर तनाव चरम पर था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और कुवैत की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता पर किसी भी प्रकार के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की बहाली के लिए तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने की आवश्यकता दोहराई।
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प्रधानमंत्री ने कुवैत में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए अमीर द्वारा दिए जा रहे व्यक्तिगत ध्यान के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक तेहरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और अगले कुछ दिनों में बड़ा कूटनीतिक समाधान निकल सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। साथ ही, समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की संभावना भी जताई गई है।
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