प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की मौजूदा स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने गंगा के जलस्तर के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ राहत अभियानों की लगातार निगरानी की जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों तक भोजन, जरूरी सामान और अन्य सहायता समय पर पहुंचाने तथा राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बाढ़ प्रभावित फर्रुखाबाद जिले का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के साथ बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भूमि के पट्टे और राहत सामग्री वितरित की।
राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि वर्तमान में 22 जिलों में बाढ़ का असर दर्ज किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत नेटवर्क स्थापित किया है। प्रशासनिक टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं।
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