मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाओं के विरोध में पिछले 15 दिनों से चल रहा आदिवासी आंदोलन रविवार को पुलिस कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को खाली करा दिया और आंदोलन के प्रमुख नेता अमित भटनागर को अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस ने रविवार सुबह बराना नदी के किनारे कूपी गांव के पास बने प्रदर्शन स्थल को हटा दिया। यहां बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग परियोजना के विरोध में धरना दे रहे थे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर पिछले 14 दिनों से अनशन पर थे। पुलिस ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचे और प्रतीकात्मक चिताओं को भी हटा दिया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बराना नदी का जलस्तर बढ़ रहा था, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों को पानी से बाहर निकालने का निर्णय लिया गया।
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प्रदर्शनकारी केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना और क्षेत्र में प्रस्तावित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि इन योजनाओं से स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों के जीवन, जमीन और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक धरना जारी रखा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई सुरक्षा कारणों और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए की गई। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया था।
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना केंद्र सरकार की प्रमुख जल परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कई समुदाय इसके प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल खाली करा दिया गया है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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