बहुउद्देश्यीय और मल्टी-मोडल प्रगति (PRAGATI) मंच के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समीक्षा की गई बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अधिकारियों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक कुल 53 बिजली परियोजनाओं में से 43 परियोजनाएं पूरी होकर चालू (कमीशन) हो चुकी हैं। इन 43 परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 3.02 लाख करोड़ रुपये है।
अधिकारियों ने बताया कि शेष 10 परियोजनाएं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये है, निर्माण के उन्नत चरण में हैं और जल्द ही पूरी होने की संभावना है। इस प्रकार, प्रगति मंच के अंतर्गत समीक्षा की गई सभी 53 बिजली परियोजनाओं की कुल लागत 4.12 लाख करोड़ रुपये बैठती है।
इन 53 परियोजनाओं में विभिन्न श्रेणियों की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें 27 ट्रांसमिशन परियोजनाएं, 14 ताप विद्युत (थर्मल पावर) परियोजनाएं, 9 जलविद्युत (हाइड्रो) परियोजनाएं और 3 कोयला खनन परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाना और औद्योगिक व आर्थिक विकास को गति देना है।
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राज्य के स्वामित्व वाली पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) इस सूची में सबसे आगे है, जिसने अब तक 20 परियोजनाएं पूरी कर ली हैं। इसके बाद एनटीपीसी (NTPC) का स्थान है, जिसने 14 परियोजनाएं कमीशन की हैं। इसके अलावा एनएचपीसी (NHPC), नीप्को (NEEPCO), टीडीएचसी (THDC) और स्टरलाइट ने दो-दो परियोजनाएं पूरी की हैं। उत्तर प्रदेश में एक ट्रांसमिशन परियोजना भी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रगति मंच के माध्यम से नियमित समीक्षा और निगरानी के चलते बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिली है, जिससे देश के बिजली क्षेत्र को मजबूती मिली है।
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