मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार के कदम के बाद राज्य की कैबिनेट मंत्री प्रतिमा बागरी ने भरोसा जताया है कि प्रदेश की जनता इस पहल का समर्थन करेगी।
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने रविवार को समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 के मसौदे को मंजूरी दी। इसके बाद प्रतिमा बागरी ने कहा कि यह निर्णय समानता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग सरकार के इस प्रयास को सकारात्मक रूप से स्वीकार करेंगे।
मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि यह कानून विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और अन्य नागरिक मामलों से जुड़े नियमों को एक समान बनाने की दिशा में काम करेगा।
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उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में समानता और न्याय के मूल्यों को हमेशा महत्व दिया गया है। सरकार ने इन्हीं सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए यूसीसी विधेयक का मसौदा तैयार किया है।
मध्य प्रदेश सरकार अब इस विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। विधानसभा में चर्चा और विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह कानून का रूप ले सकेगा।
प्रतिमा बागरी ने कहा कि सरकार इस विषय पर सभी पक्षों की राय और सुझावों को महत्व देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य के नागरिक इस पहल को समझेंगे और इसका समर्थन करेंगे।
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता को लेकर देशभर में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है। कई दल इसका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ विपक्षी दल इसके प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि यूसीसी से नागरिकों के अधिकारों में समानता आएगी और एक समान कानूनी ढांचा स्थापित होगा।
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