पंजाब में किसानों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ बैसाखी का पर्व मनाया, जो राज्य के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर खेतों में गेहूं की कटाई का कार्य भी जोरों पर शुरू हो गया है, जिससे किसानों के बीच खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
जालंधर जिले के कल्लैर बल्ला गांव के किसान रंजीत सिंह ने बताया कि बैसाखी का त्योहार उनके लिए बेहद खास होता है। उन्होंने कहा कि यह केवल फसल कटाई का समय नहीं है, बल्कि यह मेहनत के फल का उत्सव भी है। किसानों के लिए यह दिन नई उम्मीदों और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
बैसाखी के दिन गुरुद्वारों में विशेष प्रार्थनाएं की गईं और लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं। गांवों और शहरों में मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जहां लोग पारंपरिक नृत्य भांगड़ा और गिद्धा में भाग लेते नजर आए।
और पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले कालियागंज में अमित शाह का रोड शो
इस साल गेहूं की फसल अच्छी होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे किसानों के चेहरे पर संतोष और खुशी झलक रही है। कई किसान परिवार अपने खेतों में कटाई के साथ-साथ इस त्योहार को मिलकर मना रहे हैं।
बैसाखी न केवल कृषि से जुड़ा पर्व है, बल्कि यह पंजाब की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को भी दर्शाता है। इस दिन किसान अपनी मेहनत और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। कुल मिलाकर, पूरे राज्य में बैसाखी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया।
और पढ़ें: पटियाला में सेहत कार्ड अभियान को मिली रफ्तार, दो दिन में 500 से अधिक पंजीकरण