पंजाब विधानसभा के बजट सत्र से एक दिन पहले गुरुवार को विपक्षी पार्टियों ने आप सरकार पर राज्य के बढ़ते कर्ज को लेकर निशाना साधा और वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र पेश करने की मांग की।
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से शुरू होगा और बजट 8 मार्च को पेश किया जाएगा।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि राज्य सरकार को बढ़ते कर्ज के मद्देनजर वित्तीय स्थिति का श्वेत पत्र पेश करना चाहिए। उनका कहना है कि राज्य का कर्ज वर्तमान में 4 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और वित्तीय वर्ष के अंत तक यह 4.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है।
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विपक्ष ने यह भी चेतावनी दी कि कर्ज का यह स्तर राज्य की आर्थिक स्थिरता और विकास योजनाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। वारिंग ने कहा कि जनता को यह जानना चाहिए कि सरकार ने वित्तीय संकट से निपटने के लिए क्या रणनीति बनाई है।
विपक्ष का कहना है कि सरकार को पारदर्शिता के साथ अपनी वित्तीय योजनाओं और ऋण प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी देना चाहिए, ताकि सदन और जनता दोनों को वास्तविक स्थिति का पता चले।
इस बीच, आप सरकार ने विपक्ष की आलोचना को निराधार बताते हुए कहा कि कर्ज में वृद्धि का कारण पिछले वर्षों की नीतियाँ और आर्थिक मंदी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी बजट में विकास योजनाओं के साथ-साथ कर्ज नियंत्रण के उपाय भी शामिल होंगे।
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