पंजाब पुलिस ने सोमवार को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर उस समय पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जब शिक्षक मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर तक मार्च करने के लिए बाधाओं को पार करने का प्रयास कर रहे थे। ये शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे।
सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, क्योंकि पंजाब के विशेष शिक्षक संवर्ग मोर्चा के तहत शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के निवास का घेराव करने का आह्वान किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों के साथ-साथ लाठीचार्ज का भी सहारा लिया।
प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जवाब चाहते थे। शिक्षकों का आरोप था कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रही है और उनकी लंबित मांगों को पूरा करने में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
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पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि वे शांतिपूर्वक अपना प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुछ शिक्षकों को चोटें भी आईं।
शिक्षकों की मांगों में वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा और बेहतर कामकाजी स्थितियों की मांग प्रमुख थी। राज्य सरकार की ओर से अभी तक इन मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, जिससे शिक्षकों के बीच असंतोष और गहरा गया है।
सीमा पर तैनात पुलिस ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था की थी ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित सीमा के बाहर जाने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।
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