ओडिशा के पुरी में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को केंद्र सरकार से स्टेज-I (सैद्धांतिक) वन मंजूरी मिल गई है। यह कदम तीर्थयात्रियों और पर्यटन को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 1 अप्रैल को ओडिशा सरकार को पत्र भेजकर इस परियोजना के लिए 27.886 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति दी है। हालांकि, अंतिम स्वीकृति (स्टेज-II) के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं।
स्टेज-I मंजूरी उस सलाहकार समिति की सिफारिश के बाद दी गई है, जिसने 27 फरवरी 2023 को राज्य सरकार के प्रस्ताव का निरीक्षण किया था। इस मंजूरी के साथ परियोजना को सैद्धांतिक रूप से हरी झंडी मिल गई है।
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ओडिशा सरकार के एक अधिकारी ने कहा, “स्टेज-I वन मंजूरी गैर-वन परियोजनाओं के लिए वन भूमि के डायवर्जन की शर्तीय अनुमति है, लेकिन यह परियोजना के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। केंद्र ने प्रतिकारी वनीकरण, वन भूमि डायवर्जन के लिए भुगतान, वन्यजीव और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा जैसी शर्तें रखी हैं। हम इन सभी शर्तों को पूरा करेंगे और अंतिम स्वीकृति के लिए आवेदन करेंगे।”
यह परियोजना न केवल पुरी के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को भी सशक्त करेगी। हवाई अड्डा पूरे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
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