तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि करीब 20 टीएमसी बागी सांसद अब भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की तैयारी में हैं। इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल थीं, लेकिन उसी दौरान पार्टी के भीतर बगावत के संकेत और मजबूत हो गए। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अचानक पार्टी से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव में जनता का जनादेश भाजपा के पक्ष में है।
इसके बाद दिल्ली में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां 11 अन्य टीएमसी सांसदों ने सुखेंदु शेखर रॉय से मुलाकात की। इसके बाद इन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की। इन बैठकों ने भाजपा में संभावित शामिल होने की अटकलों को और मजबूत कर दिया है।
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गौरतलब है कि टीएमसी के पास लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। वहीं, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी पार्टी को विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है, जहां 57 विधायकों ने निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता घोषित कर दिया है।
असंतुष्ट नेताओं ने ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए पार्टी के गिरते जनाधार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने टीएमसी की अंदरूनी एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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