अयोध्या के श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे के कथित दुरुपयोग और चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इसी मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।
दोनों नेताओं ने अपने पत्र में कहा कि लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था और विश्वास के साथ अपनी मेहनत की कमाई से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान दिया था। ऐसे में दान राशि के कथित दुरुपयोग की खबरों से भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री से मांग की कि ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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राम मंदिर दान राशि में कथित गड़बड़ी का मामला पिछले महीने सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस गंभीर मामले पर जवाबदेही तय करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े आर्थिक मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
वहीं, इस मामले को लेकर आगे की जांच एसआईटी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वास्तव में दान राशि के प्रबंधन में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी इस पत्र और कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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