महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को कमजोर किया है।
राजीव रंजन सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने विधेयक के गिरने को “लोकतंत्र की जीत” बताया था। इस पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष एक ऐतिहासिक पहल की असफलता का जश्न मना रहा है, जो महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक बड़ा कदम था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की हैं, और यह विधेयक उसी दिशा में एक अहम पहल थी। लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया और इसे पारित नहीं होने दिया।
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राजीव रंजन सिंह ने यह भी कहा कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देना समय की मांग है, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं के हितों के बजाय अपनी राजनीतिक रणनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस बयान के बाद महिला आरक्षण को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ गया है। जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के अधिकारों के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक उद्देश्य से जुड़ा हुआ मुद्दा मान रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है और महिला आरक्षण पर बहस आगे भी जारी रहेगी।
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