कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार के मुखिया की तरह नहीं, बल्कि एक चुनावी प्रचारक की तरह बात की।
रेणुका चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के भाषण में सरकारी जिम्मेदारी और औपचारिकता की बजाय राजनीतिक प्रचार का स्वर अधिक दिखाई दिया। उनके अनुसार, राष्ट्र के नाम संबोधन का उद्देश्य देश को एकजुट करना और महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी देना होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर अपने संबोधनों में राजनीतिक संदेश देते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह सरकारी पद की बजाय पार्टी राजनीति को अधिक महत्व दे रहे हैं।
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कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह निष्पक्ष होकर सभी नागरिकों के लिए बोले, लेकिन इस बार का भाषण उस मानक पर खरा नहीं उतरा।
रेणुका चौधरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है और विभिन्न दल एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों के मद्देनजर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही बयानबाजी तेज कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।
इस पूरे मामले पर अभी तक केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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