तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों से परियोजना को आगे बढ़ाने में बाधाएं खड़ी कर रही है और आवश्यक वित्तीय सहायता को मंजूरी देने में देरी कर रही है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद तेजी से विकसित हो रहा महानगर है और बढ़ती आबादी तथा यातायात दबाव को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नौकरशाही प्रक्रियाओं और प्रशासनिक अड़चनों का सहारा लेकर परियोजना को रोकने का प्रयास कर रही है, जिससे शहर के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मेट्रो विस्तार से लाखों यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। लेकिन केंद्र की कथित उदासीनता के कारण परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है।
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रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें तेलंगाना और हैदराबाद के विकास के लिए सहयोग करना चाहिए, न कि विकास परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए शहर के विकास को बंधक बनाया जा रहा है।
हालांकि, केंद्र सरकार या जी. किशन रेड्डी की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हैदराबाद मेट्रो देश की प्रमुख शहरी परिवहन परियोजनाओं में से एक है और इसके विस्तार की योजना लंबे समय से चर्चा में है। राज्य सरकार का कहना है कि परियोजना के विस्तार से शहर के कई नए क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और आने वाले दिनों में इस पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बहस और तेज होने की संभावना है।
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