रूस ने स्पष्ट किया है कि उसे पेरिस में प्रस्तावित G7 बैठक के लिए अब तक कोई औपचारिक निमंत्रण प्राप्त नहीं हुआ है। क्रेमलिन ने मंगलवार को यह बयान उस समय दिया, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी सूत्रों ने पुष्टि की कि उन्होंने इस तरह के शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की पेशकश की है और इसके साथ ही रूस को भी इसमें शामिल होने का सुझाव दिया है।
रिपोर्ट द्वारा जब यह सवाल पूछा गया कि क्या रूस को इस बैठक के लिए कोई आमंत्रण मिला है, तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने साफ शब्दों में कहा, “नहीं, ऐसा कोई निमंत्रण हमें नहीं मिला है।” उनके इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल रूस की भागीदारी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का एक संदेश साझा किया था। इस संदेश में मैक्रों ने सुझाव दिया था कि पेरिस में G7 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है, जिसमें रूस को ‘साइडलाइन’ पर आमंत्रित किया जा सकता है। ट्रंप द्वारा इस संदेश को सार्वजनिक किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई थीं कि रूस की G7 से जुड़ने की संभावनाओं पर फिर से विचार किया जा रहा है।
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हालांकि, क्रेमलिन की ओर से आए ताज़ा बयान से यह संकेत मिलता है कि फिलहाल यह प्रस्ताव केवल चर्चा के स्तर पर है और रूस को औपचारिक रूप से शामिल करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। गौरतलब है कि यूक्रेन संकट के बाद रूस को G8 से बाहर कर दिया गया था और तब से वह G7 बैठकों का हिस्सा नहीं रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में रूस को G7 से जुड़े किसी मंच पर आमंत्रित किया जाता है, तो यह वैश्विक राजनीति में एक बड़ा संकेत होगा। फिलहाल, पेरिस बैठक और रूस की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
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