पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ एक बार फिर तीखे तेवर दिखाए। 14 अगस्त को आयोजित समारोह के दौरान उन्होंने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे का जवाब देगा।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव की चर्चा जारी है। पाकिस्तान सरकार भारत द्वारा सिंधु जल समझौते के प्रावधानों को रोकने के फैसले का लगातार विरोध कर रही है।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्वतंत्रता दिवस से पहले गुरुवार रात ‘यादगार-ए-फतह’ नामक स्मारक का उद्घाटन किया गया। इसका उद्घाटन पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया। कार्यक्रम में पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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अपने संबोधन की शुरुआत शहबाज शरीफ ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देकर की। इसके बाद उन्होंने भारत के साथ संबंधों और सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी गई तो मई 2025 की तुलना में भी अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा।
भारत पर निशाना साधते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत ने सिंधु जल समझौते को एकतरफा तरीके से रोक दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हमारे लिए पानी की हर बूंद लाल रेखा है और अगर भारत सही रास्ते पर नहीं चलता है, तो हम उसे सीधा जवाब देंगे।”
पाकिस्तान के अनुसार, ‘यादगार-ए-फतह’ स्मारक देश के लिए जान गंवाने वाले सैनिकों को सम्मान देने और ‘मरका-ए-हक’ की याद में बनाया गया है। समारोह में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज तथा पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिधू और नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ भी मौजूद रहे।
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को शांति की गारंटी देने वाले देश के रूप में पेश किया। हालांकि, भारत के खिलाफ उनकी चेतावनी से दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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